अंतर्राष्ट्रीय

मरीजों के डेथ सर्टिफिकेट में ‘कोरोना से मौत’ लिखने की इजाजत नहीं दे रहा चीन, डॉक्टरों को एडवाइजरी जारी

चीन में कोरोना महामारी से हालात बेहद खराब हैं। ऐसे में चीन की सरकार हालात छिपाने के लिए हर हथकंडे अपना रही है। ताजा आदेश में चीन की सरकार ने सभी डॉक्टरों को सलाह दी है कि वह डेथ सर्टिफिकेट में मरीज की मौत का कारण कोरोना न लिखें। आदेश में कहा गया है कि अगर मरीज को पहल से कोई बीमारी है

तो डेथ सर्टिफिकेट में उस बीमारी को मौत का कारण लिखने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों को भेजे पत्र में चीन की सरकार ने निर्देश दिया है कि अगर मरीज की मौत का कारण सिर्फ कोविड-19 है तो डॉक्टर अपने वरिष्ठों से बात करेंगे और इसके बाद दो स्तरों पर विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी। इसके बाद पुष्टि होने पर ही मरीज की मौत कारण कोविड19 लिखा जाएगा।

बता दें कि चीन में सभी डॉक्टरों को यह पत्र भेजा गया है। हालांकि चीन के इस कदम की आलोचना भी शुरू हो गई है। दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि चीन अपने यहां कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा छिपा रहा है। शनिवार को ही चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने स्वीकार किया है कि उनके अस्पतालों में कोरोना महामारी से अब तक करीब 60 हजार लोगो की मौत हुई है।

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कई लोगों का कहना है कि डेथ सर्टिफिकेट पर कोरोना को मौत का कारण न लिखने का आदेश सरकार की तरफ से आया है लेकिन अभी तक यह साफ नहीं है कि सरकार के किस विभाग ने यह आदेश दिया है। चीन में करीब तीन साल पहले वुहान शहर से कोरोना महामारी की शुरुआत हुई थी।

हालांकि चीन की सरकार हमेशा से ही उनके वहां कोरोना के मामलों और संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या को लेकर पारदर्शी नहीं हुई है।

चीन की सरकार के 60 हजार मौतों के ताजा दावे पर भी दुनिया के स्वास्थ्य विशेषज्ञों को यकीन नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की सरकार अभी भी सही आंकड़े नहीं बता रही है और चीन में कोरोना से करीब 10 लाख लोगों की मौत हुई है।

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