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इनकम टैक्स ऑफिसर से ऐक्ट्रस बनी कीर्ति के पीछे पड़ी ED

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इनकम टैक्स ऑफिसर से टेलीविजन पर्सनालिटी बनीं कीर्ति वर्मा (Kirti Verma) ईडी की रडार में आ गई हैं. वह धोखाधड़ी से टीडीएस जारी करने से जुड़े एक मामले में कथित रूप से अपराध की आय हासिल करने का आरोप लगा है. कृति पर 263 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जालसाजी का आरोप है. इसलिए वे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के दायरे में हैं.कीर्ति वर्मा ‘रोडीज’ और ‘बिग बॉस सीजन 12’ जैसे शो में नजर आ चुकी हैं. उन आरोपियों में से एक के साथ घनिष्ठ संबंध होने का आरोप लगाया गया है, जिन्होंने अवैध रूप से टैक्स रिफंड हासिल किया था. ईडी ने कीर्ति वर्मा को कई बार जांच में शामिल होने के लिए बुलाया था.

वर्मा ने गुरुग्राम में बेची थी एक प्रॉपर्टी : Kirti

वहीं ईडी को पता चला है, “वर्मा ने गुरुग्राम में एक प्रॉपर्टी बेची थी जिसे 2021 में अपराध की आय से 1.02 करोड़ रुपये में अधिग्रहित किया गया था. उसने अपने बैंक अकाउंट में इस प्रॉपर्टी को बेचने से मिले पैसे हासिल किए थे.” ईडी ने जनवरी में जमीन, फ्लैट, लग्जरी कारों समेत 69 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी. कुर्क की गई प्रॉपर्टी वर्मा और अन्य आरोपियों जिनमें भूषण अनंत पाटिल, राजेश शेट्टी और सारिका शेट्टी शामिल हैं के नाम पर खरीदी गई थी.ईडी का मामला इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के एक सीनियर टैक्स सहायक तानाजी मंडल अधिकारी और पनवेल के एक बिजनेसमैन भूषण अनंत पाटिल के खिलाफ दर्ज सीबीआई की प्राथमिकी पर बेस्ड है. सीबीआई का मामला आरोपी द्वारा फर्जी तरीके से टैक्स रिफंड जारी करने से संबंधित है. सीबीआई की एफआईआर में कहा गया है कि आरोपी को 2007 से 2009 तक अवैध आई-टी रिफंड मिला था.

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अन्य आरोपियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी का आरोप : Kirti

यह आरोप लगाया गया था कि अधिकारी, एक वरिष्ठ कर सहायक के रूप में काम करते हुए अपने पर्यवेक्षी अधिकारियों के आरएसए टोकन और लॉगिन क्रेडेंशियल्स तक पहुंच रखते थे. उसने कथित तौर पर दूसरों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की. आरोपी ने धोखे से 263 करोड़ रुपये से ज्यादा का टीडीएस रिफंड जेनरेट किया और उसे विभिन्न बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया, जिसमें एसबी एंटरप्राइजेज का अकाउंट भी शामिल है, जो भूषण अनंत पाटिल के स्वामित्व वाली कंपनी है. सीबीआई ने अधिकारी, पाटिल, राजेश शांताराम शेट्टी और अन्य के खिलाफ पीसी अधिनियम की धारा 7 और 13(2) सहपठित धारा 13(1)(ए) और आईटी अधिनियम की धारा 66 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आरोपपत्र भी दायर किया गया है.

अब तक166 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी की गई जब्त

ईडी के एक अधिकारी ने कहा, “1.02 करोड़ रुपये. तलाशी अभियान चलाए गए और पूरी बिक्री की पहचान उसके बैंक खाते में की गई, जिसे फ्रीज कर दिया गया था.”ईडी ने इससे पहले लोनावाला, खंडाला, कर्जत, पुणे और उडुपी इलाकों में जमीन के रूप में अचल संपत्तियां, पनवेल और मुंबई इलाकों में फ्लैट और तीन लग्जरी कारों के रूप में चल संपत्तियां जब्त की थीं, जिन्हें अपराध की कमाई से हासिल किया गया था. इन संपत्तियों की पहचान पर पीएमएलए के तहत एक अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया गया था, जिसमें कुल 69,65,99,720 रुपये की 32 संपत्तियों को कुर्क किया गया था. इस तरह इस मामले में कुल 263 करोड़ रुपये की अपराध राशि में से अब तक 166 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है.

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