पंजाब

Punjab: पंजाबियों को रोजगार देने वाले उद्योगों को मिलेगी सब्सिडी,

पंजाब में नई औद्योगिक एवं व्यापारिक विकास नीति को मंजूरी मिल गई है। यह नीति 17 अक्तूबर, 2022 से प्रभावी होगी और पांच साल लागू रहेगी। नई नीति से 5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

पंजाब कैबिनेट ने 23-24 फरवरी को आयोजित होने वाले इन्वेस्टर्स समिट से ठीक पहले शुक्रवार को नई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2022 को मंजूरी दे दी। यह नीति 17 अक्तूबर 2022 से प्रभावी मानी जाएगी। नई नीति के तहत पंजाब के मूल निवासियों को रोजगार देने वाले उद्योगों को ”रोजगार सृजन सब्सिडी” प्रदान करेगी।

इसके तहत, मुख्य इकाइयों को 5 साल की अवधि के लिए प्रति कर्मचारी 36000 रुपये सालाना और महिला एससी, बीसी व ओबीसी कर्मचारियों के लिए 48000 रुपये सालाना तक रोजगार उत्पत्ति सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस नीति जरिये राज्य सरकार का लक्ष्य 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने का है।

नीति में प्रमुख प्रावधान

  • उद्योगों को पांच साल तक स्थिर 5.50 रुपये प्रति केवीएएच की दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
  • 25 करोड़ रुपये तक के निवेश वाली परियोजनाओं की मंजूरी जिला स्तर पर हो जाएगी। इससे बड़ी परियोजनाओं को राज्य स्तर पर मंजूरी मिलेगी।
  • राज्य में बासमती शैलरों को बढ़ावा देने के लिए शैलर इकाइयों का मंडी शुल्क माफ कर दिया गया है।
  • अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों में लगे सूक्ष्म व लघु उद्योगों, निर्यात इकाइयों और सेवा उद्यमों को भी 50 लाख रुपये तक के स्थिर पूंजी निवेश पर 50 फीसदी पूंजी सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को 10 साल की अवधि के लिए 100 फीसदी मार्केट फीस/आरडीएफ की 100 फीसदी छूट, आईटी के ढाई करोड़ तक के यूनिटों को 50 फीसदी पूंजी सब्सिडी दी जाएगी।
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15 औद्योगिक पार्क, 20 ग्रामीण कलस्टर बनेंगे
नई नीति के तहत, राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों की स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करते हुए, राज्य भर में 15 औद्योगिक पार्क और 20 ग्रामीण क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। नई नीति के तहत, निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप भी स्थापित की जाएंगी। बिजली शुल्क में छूट की सुविधा के बारे में अब बिजली विभाग द्वारा इन्वेस्ट पंजाब बिजनेस फर्स्ट पोर्टल के जरिये ऑनलाइन नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए, प्रदेश का उद्योग एवं वाणिज्य विभाग एक विंग के रूप में ”एमएसएमई पंजाब” नामक सामान्य सुविधा और प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार विश्व बैंक से सहायता प्राप्त भारत सरकार की योजना ”एमएसएमई” को भी लागू करेगी।

स्टार्ट-अप के लिए ”पंजाब इनोवेशन मिशन
महिलाओं, अनुसूचित जातियों व अन्य उद्यमियों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए ”पंजाब इनोवेशन मिशन” के जरिये स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत दिव्यांग उद्यमियों, ग्रामीण पृष्ठभूमि के स्टार्टअप, महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप और अन्य स्टार्टअप को अनुभव व टर्नओवर के आधार पर सार्वजनिक खरीद में छूट दी जाएगी। ”पंजाब कौशल विकास मिशन” राज्य में विशेष कौशल विकास केंद्र स्थापित करेगा और प्रमुख नियोक्ताओं के साथ साझेदारी में कौशल प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। नई नीति के तहत ”इनवेस्ट पंजाब बिजनेस फर्स्ट पोर्टल” को ”नेशनल सिंगल विंडो पोर्टल” के साथ जोड़ा जाएगा और इसमें एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, आरडीए, सिंचाई विभाग और वन सेवाएं भी शामिल होंगी।

मनोरंजन, एडवेंचर पार्कों को रियायत
नई नीति के तहत यह प्रावधान भी किया गया है कि बिजली दरों को पांच साल के लिए 5.50 रुपये प्रति केवीएएच के लिए स्थिर किया जाएगा और कम से कम 50 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए गए मंजूरशुदा औद्योगिक पार्कों, मनोरंजन पार्कों, एडवेंचर पार्कों में निर्माण यूनिट, आईटी, आईटी यूनिट के लिए लागू होगा। नई नीति के तहत नई और मौजूदा इकाइयों के लिए वित्तीय रियायतें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही बड़े उद्योग, बड़े प्रोजेक्ट, एमएसएमई और बीमार बड़ी इकाइयों के पुनर्वास के लिए वित्तीय रियायतें, सीमावर्ती क्षेत्रों की इकाइयों के लिए विशेष रियायतें और इसी क्षेत्र में स्टार्टअप और सेवा एवं निर्माण क्षेत्र की पहली दो इकाइयों को वित्तीय रियायतें दी जाएंगी।

स्टांप ड्यूटी, सीएलयू, बिजली ड्यूटी में 100 फीसदी छूट
इलेक्ट्रिकल व्हीकल सहित ऑटो व ऑटो उपकरणों के निर्माण, फिटनेस उपकरणों समेत खेलों का सामान, पावर टूल्स और मशीन टूल्स सहित हैंड टूल, कृषि मशीनरी व उपकरण, कागज आधारित पैकेजिंग यूनिट, शरैडिंग यूनिट और ”एक जिला एक उत्पाद” को उच्च वित्तीय रियायतें देने के लिए विशेष सेक्टर की श्रेणी में शामिल किया गया है। वित्तीय रियायत में स्टांप ड्यूटी से 100 फीसदी छूट, विशेष सेक्टर और एंकर यूनिटों सीएलयू/ईडीसी से 100 फीसदी छूट के अलावा 7-15 साल तक बिजली ड्यूटी में 100 फीसदी छूट शामिल है।

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मोहाली के सेक्टर-102 में बनेगा लाॅजिस्टिक पार्क
मोहाली के सेक्टर 102 में एक लाॅजिस्टिक पार्क विकसित किया जाएगा और औद्योगिक क्षेत्र में बाहरी विकास व्यय का 50 प्रतिशत औद्योगिक बुनियादी ढांचे में सुधार पर खर्च किया जाएगा। निजी औद्योगिक पार्कों के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, कम से कम 25 एकड़ (आईटी के लिए 10 एकड़) में स्थापित औद्योगिक पार्क को औद्योगिक व ईडब्ल्यूएस आवासीय हिस्से पर सीएलयू/ईडीसी में 100 फीसदी छूट मिलेगी। दोबारा स्थापित निजी औद्योगिक  पार्कों फीसदी या अधिकतम 25 करोड़ रुपये की पूंजी सब्सिडी की अतिरिक्त रियायत दी जाएगी।

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