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कोरोना के नए वैरिएंट से निपटने के लिए रियलिटी चेक एमपी के अस्पतालों में 1685 आईसीयू और 15490 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड तैयार

कोरोना के नए वैरिएंट से निपटने के लिए रियलिटी चेक एमपी के अस्पतालों में 1685 आईसीयू और 15490 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड तैयार चीन में कोरोना के बिगड़ते हालात को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार भी सतर्क हो गई है। आज प्रदेश भर के अस्पतालों में कोरोना को लेकर तैयारियों का रियलिटी चेक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, गैस राहत और केंद्र सरकार के चिकित्सा संस्थानों में मॉक ड्रिल की जा रही है।

स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, आइसोलेशन बेड कैपेसिटी, ऑक्सीजन फैसिलिटी वाले बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर बेड की उपलब्धता परखी जा रही है।

MP में ऐसी है कोरोना से निपटने की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में वर्तमान में 1685 ICU बेड्स तैयार हैं। इसके अलावा प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में 15490 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स हैं।

प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए चिह्नित सरकारी अस्पतालों में 736 वेंटिलेटर, 824 BIPAP मशीन, 153 हाई फ्लो नेजल केनुला (HFNC) उपलब्ध हैं।

बच्चों के लिए 1105 अतिरिक्त ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स, 626 पीडियाट्रिक ICU बेड्स तैयार किए गए हैं।

वर्तमान में एक्टिव PICU में 140 पीडियाट्रिक वेंटिलेटर, 65 एडवांस आईसीयू वेंटिलेटर, 54 BIPAP, 99 HFNC उपलब्ध हैं।
जरूरत के लिए 13036 रेमडेसिविर इंजेक्शन सेंट्रल वेयर हाउस स्टोर किए गए हैं।

ऑक्सीजन का इंतजाम करने के लिए ऐसी है तैयारी

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ऑक्सीजन सप्लाई के लिए सरकारी अस्पतालों में केंद्र सरकार और अन्य सोर्स से मिले 98 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट चालू हालत में हैं। इनसे 183 मीट्रिक टन डेली ऑक्सीजन तैयार हो सकती है।

प्रदेश भर में 47 एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) टैंक एक्टिव हैं, जिनकी कुल ऑक्सीजन स्टोरेज कैपेसिटी 337 मीट्रिक टन है।

प्रदेश के चिह्नित सरकारी अस्पतालों में 17,361 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी प्रोडक्शन कैपेबिलिटी 219 मीट्रिक टन है।

चिह्नित सरकारी अस्पतालों में 35,190 ऑक्सीजन सिलेंडर हैं। इनकी स्टोरेज कैपेसिटी 196.8 मीट्रिक टन है।

प्रदेश के 49 जिला अस्पतालों, 4 सिविल अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीन्स भी संचालित हैं।

प्रदेश की कुल कोविड टेस्टिंग क्षमता 124320 प्रतिदिन है।

कोविड टेस्ट के लिए 13 मेडिकल कॉलेज, 5 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज और 6 राष्ट्रीय संस्थानों समेत कुल 33 लैब एक्टिव हैं।

कोविड पॉजिटिव सैंपल्स की होल जीनोम सीक्वेंसिंग (WGS) के लिए इन्साकोग (INSACOG) के अंतर्गत 2 लैब- एम्स भोपाल और डीआरडीई ग्वालियर हैं।

इन लैब में हर महीने 1200 सैंपल्स की जीनोम सीक्वेंसिंग की जा सकती है।

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गुना जिला अस्पताल में तीनों ऑक्सीजन प्लांट चालू

गुना जिला अस्पताल में सुबह 10 बजे से मॉकड्रिल शुरू हुई। ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सिलेंडर, ऑक्सीजन लाइन को चला कर देखा गया। जिला अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट हैं। दो हवा से ऑक्सीजन बनाने वाले और एक लिक्विड ऑक्सीजन का प्लांट है। जिला अस्पताल में 8 वेंटिलेटर भी चालू हालात में हैं।

भोपाल में कोविड पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 0.66 हुआ

मध्यप्रदेश में कोविड अलर्ट के बाद वैक्सीनेशन तो 6 गुना बढ़ गया, लेकिन टेस्टिंग 5 गुना तक घट गई। प्रदेश में कोविड संक्रमण बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। राजधानी भोपाल में पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 0.66% हो गया है। यह प्रदेश में सर्वाधिक है।

कोविड के नए वैरिएंट से 6 8 दिन में फेफड़े संक्रमित

चीन में कोविड का नया वैरिएंट BF.7 हाहाकार मचाए हुए है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी लोकसभा में कह चुके हैं कि नए वैरिएंट से चुनौती बढ़ी है, हर प्रोटोकाॅल का पालन करना जरूरी है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी आज विधानसभा में चिंता जताई है।

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