
नंगल को आधुनिक बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों के तहत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 75 करोड़ रुपए के विकास प्रोजेक्ट की शुरुआत की। इसमें उत्तरी भारत का पहला ग्लास ब्रिज, कारगिल शहीद कैप्टन अमोल कालिया के नाम पर 23 करोड़ रुपए का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और शिक्षा बुनियादी ढांचे में बड़े स्तर पर अपग्रेडेशन शामिल है।
मुख्यमंत्री ने इन पहलों को विकास में वर्षों से आई खामियों को दूर करने की दिशा में निर्णायक कदम बताते हुए एक ऐसे प्रशासनिक मॉडल की रूपरेखा दी, जिसमें रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा और ड्रोन प्रशिक्षण जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में उद्योग-उन्मुख कौशल प्रशिक्षण, महिलाओं के लिए तकनीकी शिक्षा तक पहुंच और पंजाब की खेतीबाड़ी की रीढ़ को मजबूत करने के लिए भाखड़ा नहर के बराबर बड़े स्तर पर पानी प्रदान करना शामिल है।
इस कदम को राजनीतिक विरोध से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशे के कारोबार की सरपरस्ती और पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने वालों को कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग नौकरियों, शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित ईमानदार शासन के मॉडल की ओर निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहे हैं।
लोगों को 75 करोड़ रुपए के विकास कार्य समर्पित करने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों पर पीढ़ियों की नरसंहार का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने नशे के व्यापार को सरपरस्ती दी थी और उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे का व्यापार फैला था। इन नेताओं के हाथ अपने सरकारी वाहनों में राज्य में सप्लाई किए गए नशे का शिकार हुए लाखों युवाओं के खून से रंगे हुए हैं। यह पाप माफ नहीं किए जा सकते और इन नेताओं को लोगों द्वारा उनके गुनाहों के लिए कभी माफ नहीं किया जा सकता।”
अकाली लीडरशिप पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये मौकापरस्त नेता हैं जो अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपना रंग और पक्ष बदलते हैं। उन्होंने लंबे समय से खुद को किसान बताकर लोगों को मूर्ख बनाया है, लेकिन क्या वे बता सकते हैं कि कोई अनाज उत्पादक बसों का बड़ा बेड़ा और गुड़गांव में एक आलीशान होटल कैसे बना सकता है? यह सब अपने निजी राजनीतिक लाभ के लिए राज्य और इसके लोगों के हितों को बेचकर बनाया गया है।”
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “सुखबीर सिंह बादल ने जनता में अपना विश्वास खो दिया है और रैलियों में भीड़ दिखाने के लिए पैसे देकर बुलाए गए कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। हर अकाली रैली में वही भीड़ दिखाई देती है। राज्य सरकार द्वारा किए गए बेमिसाल कामों के कारण वे अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं, जिस कारण वे बेबुनियाद और तर्कहीन बयान दे रहे हैं। ऐसे बयानों के आधार पर ही पूर्व उप मुख्यमंत्री सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं, जो कभी संभव नहीं होगा।”
पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पूर्व उप मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उन्होंने अपने शासन में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कला और अन्य जगहों पर जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और बेकसूरों को मारा गया, उनके बारे में चुप क्यों हैं? ये सारी घटनाएं उनके शासन के दौरान हुईं। वे इन बेअदबी की घटनाओं को भूल गए हैं और मानते हैं कि लोग भी इन्हें भूल जाएंगे, लेकिन लोग इसे कभी नहीं भूलेंगे। उनका परिवार इसमें शामिल था। उनकी ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ असल में ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल राज्य को लूटने के बाद उन्हें यह बताना चाहिए कि वे पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। अकालियों ने सूबे को बुरी तरह लूटा है, पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक रूप से कुचला है और माफिया को सरपरस्ती दी है।”
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “लोग अकालियों और बादल परिवार के संदिग्ध चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं, इसलिए लोग अब उनके झांसे में नहीं आएंगे। जिन नेताओं के घरों तक पहले नहरें जाती थीं, उन्होंने कभी इसकी परवाह नहीं की। सुखबीर सिंह बादल एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़े-लिखे नेता हैं जो पंजाब की मूल भौगोलिक स्थिति से पूरी तरह अनजान हैं, फिर भी वे सूबे पर राज करना चाहते हैं।”
व्यापक राजनीतिक दावों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “जिन्होंने पानी के रखवाले होने का दावा किया था, उन्होंने ही इसे बुरी तरह तबाह कर दिया और जिन्होंने खुद को ‘बाणी’ के सेवादार के रूप में पेश किया, वे ही बेअदबी को रोकने में असफल रहे। इसी तरह देश चलाने वाले जुमलेबाज नेता ने अपने कार्यकाल में लोगों को गुमराह किया है। देश के हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए भेजने का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ और लोग, खासकर महिलाएं, गैर-योजनाबद्ध नीतियों के कारण दुखी हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस में हर नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उनके पास कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री के चेहरे हैं। इसी कारण उनके शीर्ष नेता को हाल ही में एक रैली के दौरान जनता ने सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी। कांग्रेस एक बंटा हुआ घर है जो अंदरूनी झगड़ों के कारण ढह जाएगा, फिर भी इसके नेता सत्ता में वापस आने के सपने देखते रहते हैं।”
लीडरशिप संबंधी मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “यह बदकिस्मती की बात है कि कांग्रेस के शीर्ष नेता जो झगड़ते हुए अपने प्रांतीय नेताओं को एकजुट करने आते हैं, उन्हें उनका नाम भी सही से उच्चारित नहीं आता। इन नेताओं के पास पंजाब के लिए कोई दूरदृष्टि नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता में आकर राज्य की दौलत लूटना है, लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे। पहले ये पारंपरिक पार्टियां सत्ता हासिल करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं, लेकिन अब झाड़ू ने इनका पूरी तरह सफाया कर दिया है।”
जन-हितैषी पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इसके तहत हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जा रहा है और 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर चुके हैं। इस योजना के तहत लगभग 2 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है और लोगों को इसका अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए।”
बिजली और सिंचाई क्षेत्र में किए गए सुधारों को उजागर करते हुए उन्होंने आगे कहा, “राज्य के इतिहास में पहली बार धान के मौसम के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली दी जा रही है। सूबे में 6,900 किलोमीटर लंबे 18,349 खालों को बहाल किया गया है ताकि नहरी पानी राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सके और इससे किसानों को बहुत फायदा हुआ है। पहली बार किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल रही है।”
वित्तीय जिम्मेदारी और महिलाओं की भलाई के बारे में पंजाब के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। मां-बेटी सम्मान योजना के तहत 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को प्रति महीना 1000 रुपए और अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं को 1500 रुपए दिए जाएंगे। यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनके विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की भलाई, लिंग समानता को बढ़ावा देने और फैसला लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनकी वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करना बहुत जरूरी है। इस योजना से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ होने की उम्मीद है, जो इसे देश में सबसे व्यापक महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक बनाती है। यह महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और महिलाओं के लिए वास्तविक वित्तीय स्वतंत्रता के सरकार के विजन को दर्शाता है।
रोजगार पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि राज्य के युवाओं को 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। सभी नौकरियां बिना किसी भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को नजरअंदाज करते हुए पूरी तरह योग्यता के आधार पर दी गई हैं। यह कदम युवाओं को पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बना रहा है।
उन्होंने कहा कि नंगल एक पवित्र धरती है और मैं इसके लोगों की सेवा करने के लिए भाग्यशाली महसूस करता हूं। यह हैरानी की बात है कि पिछली सरकारों की असफलताओं के कारण सतलुज नदी के किनारे रहने वाले लोगों को भी खेतीबाड़ी और पीने योग्य पानी से वंचित रखा गया था। पहली बार सूबे में जल संसाधनों का सही ढंग से उपयोग किया गया है। भाखड़ा नहर की क्षमता 9,500 क्यूसेक है, लेकिन हमारे प्रयासों से इसकी सप्लाई को 11,000 क्यूसेक तक बढ़ा दिया गया है। एक तरह से हमने एक इंच भी जमीन हासिल किए बिना एक नई भाखड़ा नहर बना दी है। पंजाब के इतिहास में पहली बार पानी की हर बूंद का हिसाब रखा गया है।
अन्य प्रयासों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा, “पानी को टेल तक पहुंचाने के लिए नहरी प्रणाली को फिर से सुधारने के लिए 6,500 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं और पहली बार 1,444 गांव नहरी पानी प्राप्त कर रहे हैं। हम पंजाब के पानी की हर बूंद को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और कोई भी अन्य राज्य इसे जबरदस्ती नहीं ले सकता। पिछले साल हरियाणा ने ऐसी चाल चलने की कोशिश की लेकिन उसे सबक सिखाया गया और अब वह अपने हिस्से की समझदारी से उपयोग कर रहा है।”
नंगल में प्रोजेक्ट्स की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि कई बड़े विकास प्रोजेक्ट समर्पित किए जा रहे हैं। 23 करोड़ रुपए की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की नींव रखी गई है। शहीद ने कारगिल युद्ध के दौरान 25 साल की उम्र में अपनी जान दे दी थी और पूरा देश नंगल के इस बहादुर बेटे पर गर्व करता है। इस संस्थान पर 23 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे जो 540 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देगा। कोर्स उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए हैं, जिनमें रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन टेक्नोलॉजी, सोलर टेक्नीशियन और 3डी प्रिंटिंग शामिल हैं। इसमें सिविल एविएशन, एयर होस्टेस प्रशिक्षण और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे कई नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।”
अपने विजन को साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्षेत्र का सबसे बेहतर कौशल विकास केंद्र बनेगा और युवाओं के लिए रोजगार पैदा करेगा। वर्ष 2025-26 में सभी आई.टी.आई. में सीटों की क्षमता 32,000 से बढ़ाकर 52,308 कर दी गई है, जिसमें 814 नए उद्योग-आधारित कोर्स शुरू किए गए हैं। 34 आई.टी.आई. विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं और अन्य आई.टी.आई. में उनके लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं।
तकनीकी शिक्षा और पर्यटन के बारे में उन्होंने कहा, “निजी आई.टी.आई. में आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं और नंगल समेत 11 सरकारी आई.टी.आई. को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपग्रेड किया गया है, जिसमें 22 करोड़ रुपए बुनियादी ढांचे और मशीनरी पर खर्च किए गए हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नंगल के शिवालिक पार्क में झील पर ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा। इस ग्लास ब्रिज पर 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जो उत्तरी भारत में अपनी तरह का पहला ब्रिज होगा। इसके साथ ही झील की सुंदरता बढ़ाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस ब्रिज के छह महीनों के अंदर पूरा होने की उम्मीद है। नंगल के स्कूल ऑफ एमिनेंस में 10 करोड़ रुपए की लागत से 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा।”
शिक्षा के बुनियादी ढांचे के बारे में उन्होंने कहा कि चार प्रयोगशालाओं और 12 क्लासरूम वाला एक चार मंजिला अकादमिक ब्लॉक 8 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया जा रहा है और इस विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि मैं लोगों का उनके भारी समर्थन के लिए धन्यवाद करता हूं, जो ‘रंगला पंजाब’ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
इस दौरान सीनियर ‘आप’ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि राज्य वासियों का भारी प्रतिक्रिया ‘आप’, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस के प्रति लोगों के प्यार को दर्शाता है। ‘आप’ का गठन सिर्फ सरकारें बदलने के लिए नहीं, बल्कि सिस्टम बदलने के लिए किया गया था, जिस कारण पंजाब शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में तेजी से तरक्की कर रहा है। इस विकास से घबराए विपक्षी दलों ने हमें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की, लेकिन अदालत से बरी होकर हमने अपनी ईमानदारी साबित कर दी है। अगर कांग्रेस, अकाली या भाजपा सत्ता में वापस आए तो वे इन जनकल्याण योजनाओं को खत्म कर देंगे।
इससे पहले कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “इस विधानसभा क्षेत्र के हर क्षेत्र में पूर्ण विकास हुआ है, जिससे निवासियों को बहुत लाभ हो रहा है। ये ऐतिहासिक पहल इस क्षेत्र में विकास की गति को और तेज करेंगी।”
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, सीनियर ‘आप’ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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