भगवंत मान सरकार प्राइवेट स्कूलों की फीस को स्थायी रूप से विनियमित करने के लिए मानसून सत्र के दौरान विधान सभा में लाएगी बिल

चंडीगढ़; 01 अगस्त:
वर्षों से पंजाब के प्राइवेट स्कूल अपनी मर्जी से फीस बढ़ाते आ रहे थे और इस संबंध में अब तक अभिभावकों के पास कोई विकल्प या सुरक्षा नहीं थी, जिसके चलते मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार अब इस प्रचलन पर पूरी तरह रोक लगाने जा रही है। 13 जुलाई, 2026 से लागू ऑर्डिनेन्स को स्थायी कानूनी मान्यता देने के लिए पंजाब विधान सभा के मानसून सत्र के दौरान ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ फी ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया जाएगा, जो निजी स्कूलों के फीस ढांचे को सख्ती से विनियमित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को मनमाने ढंग से फीस वृद्धि के बोझ से सुरक्षा प्रदान करेगा।
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714
*32 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगी राहत*
पंजाब के 7,800 से अधिक निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों को इस फैसले का लाभ मिलेगा, जिसे देश के सबसे सख्त फीस नियंत्रण ढांचों में से एक माना जा रहा है। भगवंत मान सरकार ने वार्षिक फीस वृद्धि पर सख्त रोक लगाई है, अतिरिक्त वसूली गई फीस की वापसी को अनिवार्य बनाया है और अधिकारियों को स्कूली खातों का फोरेंसिक ऑडिट करने का अधिकार दिया है, जो केवल कागजी निर्देशों की बजाय वास्तविक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।
*बिल के मुख्य प्रावधान*
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714
निजी स्कूल अब अपने स्तर पर वार्षिक 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। इससे अधिक फीस वृद्धि के लिए जिला रेग्युलेटरी बॉडी से पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा, जो स्कूल के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद ही दी जाएगी।
यदि पिछले तीन वर्षों के दौरान किसी स्कूल की कुल फीस वृद्धि 15 प्रतिशत से अधिक रही है तो अतिरिक्त वसूली गई राशि विद्यार्थियों और अभिभावकों को वापस करनी होगी, जिसमें कोई छूट नहीं होगी। फीस वृद्धि की सीमा की गणना के समय सभी अनिवार्य शुल्कों को एक साथ जोड़ा जाएगा, ताकि स्कूल विभिन्न मदों के तहत फीस को बांटकर निर्धारित सीमा से परे न जा सकें। यह कानून किसी भी रूप में मुनाफाखोरी और कैपिटेशन फीस पर भी पूरी तरह रोक लगाता है।
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714
*पारदर्शी रेग्युलेटरी प्रणाली*
इसके सख्त कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए, प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में एक जिला रेग्युलेटरी बॉडी का गठन किया गया है। प्रत्येक निजी स्कूल के लिए निर्धारित समय के भीतर शिक्षा विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पिछले चार वर्षों के फीस रिकॉर्ड अपलोड करना अनिवार्य है।
रेग्युलेटरी बॉडी को अपने स्तर पर या अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर स्कूल के खातों का फोरेंसिक ऑडिट करवाने का अधिकार है। अभिभावकों या विद्यार्थियों द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायतों की जांच और निर्णय एक निर्धारित समय के भीतर किया जाएगा, जिससे पहले संबंधित स्कूल को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
*उल्लंघन पर सख्त जुर्माना*
इस कानून में सख्त जुर्माने का प्रावधान है। पहली बार उल्लंघन करने पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि दूसरी बार उल्लंघन करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना होगा। बार-बार उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ स्कूल की मान्यता या एफिलिएशन रद्द की जा सकती है।
*विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए स्थायी कानूनी सुरक्षा*
पारित होने के बाद, यह विधेयक वर्तमान अध्यादेश को पंजाब विधान सभा के एक स्थायी कानून में बदल देगा। पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों से फीस रिकॉर्ड एकत्र करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है और इन रिकॉर्डों की जांच जारी है। अब तक 6,500 से अधिक स्कूल अपने रिकॉर्ड जमा करवा चुके हैं। जांच पूरी होने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों से अतिरिक्त वसूली गई फीस की वापसी के आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे।
इस बारे में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पंजाब ने देश के सबसे सख्त निजी स्कूल फीस नियंत्रण ढांचों में से एक फ्रेमवर्क लागू किया है, जिसमें केवल कागजी दिशा-निर्देश नहीं बल्कि सही मायने में फीस वृद्धि पर सख्त सीमा, अनिवार्य रिफंड और फोरेंसिक ऑडिट के प्रावधान शामिल हैं। 32 लाख से अधिक विद्यार्थी और उनके परिवार इस ऐतिहासिक सुधार का लाभ उठाएंगे। अध्यादेश 13 जुलाई, 2026 से लागू है, जिसका मतलब है कि स्कूल 5 प्रतिशत फीस वृद्धि की सीमा और रिफंड की शर्तों से पहले ही बंधे हुए हैं। अभिभावकों को विधेयक के पारित होने का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। पंजाब विधान सभा द्वारा पारित होने के बाद, यह विधेयक अध्यादेश को स्थायी कानूनी ताकत देगा। हमारी सरकार का रुख स्पष्ट है: शिक्षा एक लोक सेवा है, न कि कोई व्यावसायिक संस्थान जिसे मुनाफा कमाने के लिए चलाया जाए।”
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714







Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714