अमरीका-ईरान के बीच इन 14 मुद्दों पर हुआ समझौता, व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पर किया प्रकाशित

व्हाइट हाउस ने युद्ध समाप्त करने को लेकर अमरीका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को प्रकाशित किया है। व्हाइट हाउस की ओर से सोशल मीडिया पर प्रकाशित एमओयू के मूल पाठ के अनुसार दोनों देशों के बीच जिन मुद्दों पर सहमति बनी हैं, वो निम्नलिखित प्रकार हैं…
1. अमरीका और ईरान तथा युद्ध में शामिल उनके सहयोगी इस एमओयू पर हस्ताक्षर करके लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए खत्म करने की घोषणा करते हैं। वे यह भी वादा करते हैं कि अब से वे एक-दूसरे के खिलाफ कोई युद्ध या सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेंगे, एक-दूसरे के खिलाफ बल प्रयोग या धमकी देने से बचेंगे और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता सुनिश्चित करेंगे।
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2. अमरीका और ईरान एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे और एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल देने से बचेंगे।
3. अमरीका और ईरान ज़्यादा से ज़्यादा 60 दिनों में एक अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए सहमत हुए हैं, आपसी सहमति से इस समय-सीमा को बढ़ाया जा सकता है।
4. अमरीका तुरंत ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी और किसी भी तरह की रुकावट या बाधा को हटाना शुरू कर देगा और 30 दिनों के भीतर नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह खत्म कर देगा। इस दौरान, आवाजाही का स्तर युद्ध से पहले की आवाजाही के अनुपात में होगा जिसे ईरान बहाल करेगा। अमेरिका यह भी वादा करता है कि अंतिम समझौते के 30 दिनों के भीतर वह ईरान के पास से अपनी सैन्य सेनाओं को हटा लेगा।
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5. ईरान 60 दिनों तक फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक और इसके विपरीत दिशा में वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए बिना किसी शुल्क के व्यवस्था करेगा। तकनीकी और सैन्य बाधाओं को दूर करने और बारूदी सुरंगों को हटाने की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए 30 दिनों के भीतर वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही तुरंत शुरू हो जाएगी। ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून और होर्मुज जलडमरूमध्य के तटीय देशों के संप्रभु अधिकारों के अनुसार, फारस की खाड़ी के अन्य तटीय देशों के साथ चर्चा करके होर्मुज जलडमरूमध्य में भविष्य के प्रशासन और समुद्री सेवाओं को तय करने के लिए ओमान के साथ बातचीत करेगा।
6. अमरीका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर 60 दिनों के बाद होने वाले अंतिम समझौते के हिस्से के रूप में ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब अमेरिकी डॉलर की एक पक्की और आपसी सहमति वाली योजना विकसित करने का वादा करता है। सभी ज़रूरी लाइसेंस, छूट और अनुमतियां दी जाएंगी।
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7. अंतिम समझौते के हिस्से के तौर पर अमरीका एक तय समय-सीमा में ईरान के इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ सभी तरह के प्रतिबंध हटा लेगा। इनमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्ताव और अमेरिका के सभी एकतरफा प्रतिबंध (प्राथमिक और माध्यमिक) शामिल होंगे।
8. ईरान फिर से पुष्टि करता है कि वह परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा और न ही उनका विकास करेगा। अमरीका और ईरान इस बात पर सहमत हुए हैं कि वे संवर्धित सामग्री के भंडार के निपटान के लिए एक तरीका अपनाएंगे। यह तरीका आपसी सहमति से तय किया जाएगा और पैरा सात में बताए गए शेड्यूल के अनुसार होगा। इसमें कम से कम आईएईए की देखरेख में साइट पर ही ‘डाउनब्लेंडिंग’ (संवर्धन स्तर को कम करना) शामिल होगी। दोनों पक्ष संवर्धन के मुद्दे और ईरान की परमाणु जरूरतों से जुड़े अन्य आपसी सहमति वाले मामलों पर चर्चा करने के लिए भी सहमत हुए हैं।
9. अंतिम समझौते तक अमेरिका और ईरान यथास्थिति बनाए रखने पर सहमत हैं। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति बनाए रखेगा और अमरीका कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा और न ही क्षेत्र में अतिरिक्त सेना तैनात करेगा।
10. अमरीका यह वादा करता है कि इस एमओयू पर हस्ताक्षर होते ही ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और उनसे बनी चीजों के निर्यात के लिए छूट जारी कर दी जाएगी। साथ ही, बैंकिंग लेनदेन, बीमा, परिवहन आदि जैसी सभी संबंधित सेवाओं के लिए भी छूट दी जाएगी।
11. अमरीका यह वादा करता है कि इस एमओयू के लागू होने पर ईरान के इस्लामिक गणराज्य के फ्रीज किए गए या प्रतिबंधित कोष को इस्तेमाल के लिए पूरी तरह उपलब्ध करा दिया जाएगा। बातचीत के दौरान अमेरिका और ईरान इन कोष को जारी करने से जुड़ी प्रक्रियाओं पर आपसी सहमति बनाएंगे।
12. इस एमओयू और उसके बाद होने वाले समझौते के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा।
13. इस एमओयू पर हस्ताक्षर करने और पैरा 1, 4, 5, 10 और 11 के कार्यान्वयन की शुरुआत और इन उपायों के निरंतर कार्यान्वयन के बाद अमेरिका और ईरान अंतिम समझौते के संबंध में बातचीत शुरू करेंगे।
14. अंतिम समझौते को संरा सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।
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