
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज किसानों के हितों की रक्षा करने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी व्यवसाय बनाने के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट किया कि पंजाब के बहुमूल्य जल संसाधनों के संबंध में राज्य के रुख से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में किसान मेले के दौरान संबोधित करते हुए उन्होंने नहरी सिंचाई के अधीन क्षेत्र को 88 प्रतिशत तक बढ़ाने, 14,000 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइनें बिछाने (वर्ष के अंत तक और 7,000 किलोमीटर का लक्ष्य) तथा इसके परिणामस्वरूप भूजल स्तर में हुए सुधार के बारे में विस्तार से बताया।
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पी.ए.यू. के बीज अनुसंधान केंद्र को मजबूत कर रही है, बागवानी में 1,300 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है और देश में सबसे अधिक 416 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने केंद्र से वैकल्पिक फसलों के लिए लाभकारी एम.एस.पी. तथा पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को वित्तीय सहायता देने की अपील भी की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी आश्वासन दिया कि खरीफ खरीद सीजन के दौरान किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा और समय पर उठाया जाएगा।
एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पी.ए.यू. में किसान मेले में शामिल हुआ और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। पंजाब के लिए यह बहुत गर्व की बात है कि कृषि विश्वविद्यालय दुनिया के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में शामिल हुआ है। खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए हमने नहरी पानी का उपयोग 88 प्रतिशत तक बढ़ाया है। 14,000 किलोमीटर पाइपें बिछाने से राज्य में भूजल स्तर पांच मीटर तक ऊपर आया है। किसानों की सुविधा के लिए अब खेतों में दिन के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। हमारे किसानों की मेहनत के कारण हमें इस बार भी धान की बंपर पैदावार की पूरी उम्मीद है। इंकलाब जिंदाबाद।”
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेले में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब भारत में हरित क्रांति का सृजनकर्ता रहा है, जिसने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश को खाद्यान्न की कमी वाले देश से अधिशेष देश में बदलने में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय का योगदान सराहनीय है।”
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के मेहनती और दृढ़ इच्छाशक्ति वाले किसानों ने पी.ए.यू. के कृषि वैज्ञानिकों के सक्षम मार्गदर्शन में राज्य की उपजाऊ मिट्टी और जल संसाधनों का उचित उपयोग करके देश की तस्वीर बदल दी थी। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है, ताकि खुशहाली प्रत्येक किसान तक पहुंच सके। किसानों तक केवल उच्च गुणवत्ता वाले बीज पहुंचना सुनिश्चित करने के लिए पी.ए.यू. को अपग्रेड किया जा रहा है, जबकि पंजाब में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए 1,300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि पंजाब पूरे देश में सबसे अधिक 416 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव दे रहा है और साथ ही पिछले वर्ष की तुलना में गन्ने की खेती के अधीन क्षेत्रफल भी बढ़ा है।
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब सरकार ने पदभार संभाला था तो सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था, जबकि अब यह 88 प्रतिशत से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा, “हमने पूरे पंजाब में किसानों को नहरी पानी उपलब्ध करवाने के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई हैं। यह दूरी बाघापुराना से कनाडा तक की यात्रा के बराबर है। इस वर्ष के अंत तक और 7,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के कोने-कोने में किसानों तक नहरी पानी की पहुंच सुनिश्चित करने और उनकी सिंचाई संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरे राज्य में पाइपलाइनें और खाल बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भूजल की स्थिति सुधारने के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, “बड़े स्तर पर पानी रिचार्ज किया गया है और कई क्षेत्रों में पानी का स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। हमें अपने बहुमूल्य जल संसाधनों की हर बूंद की रक्षा करनी होगी।”
किसानों को केवल पी.ए.यू. द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का उपयोग करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेहतर उपज सुनिश्चित करने और किसानों को अनावश्यक नुकसान से बचाने के लिए बुवाई से पहले बीजों की जांच भी अवश्य की जानी चाहिए।
कृषि संकट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को कर्ज के चक्रव्यूह से बाहर निकालने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, “लागत बढ़ने और आय घटने के कारण किसान दुविधा में आ खड़े हुए हैं। हम उनकी आय बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि किसान सम्मानजनक और खुशहाल जीवन जी सकें।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद पंजाब के किसानों ने भारत को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन इसके लिए राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का भारी दोहन हुआ। उन्होंने कहा, “पंजाब के पास किसी अन्य राज्य के साथ साझा करने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है। पानी की एक बूंद भी किसी के साथ साझा करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। पुराने शासकों ने अपने निजी स्वार्थों के लिए राज्य का अतिरिक्त नदी जल देकर पंजाब के हितों को खतरे में डाला। हमारी सरकार ने सुनिश्चित किया है कि पंजाब के हितों के साथ ऐसे समझौते दोबारा न दोहराए जाएं।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों के कल्याण के लिए सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का उचित उपयोग कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को अब दिन के समय भी बिजली मिल रही है, जो अभूतपूर्व है। टैक्स का पैसा लोगों का ही है और इसे उनके कल्याण के लिए समझदारी से खर्च किया जा रहा है। यह पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस आ रहा है।”
खरीफ खरीद सीजन से पहले किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि मंडियों में फसल का एक-एक दाना खरीदा और समय पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा, “खरीफ खरीद सीजन के दौरान किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदा और उठाया जाएगा। किसानों को समय पर भुगतान के लिए निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। पंजाब के इतिहास में पहली बार राज्य को खरीद शुरू होने से पहले ही आगामी धान सीजन के लिए कैश क्रेडिट लिमिट पहले ही प्राप्त हो चुकी है।”
किसानों को पराली जलाने से गुरेज करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि फसल अवशेषों के खेत में और खेत से बाहर निपटारे के लिए किसानों को नए उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही। हालांकि, केंद्र सरकार को इन फसलों के लिए लाभकारी एम.एस.पी. उपलब्ध करवानी चाहिए। इससे किसानों को विविधीकरण की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।”
किसान मेले में सम्मानित किए जा रहे प्रगतिशील और उद्यमी किसानों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पी.ए.यू. को सही अर्थों में किसानों के लिए प्रकाश पुंज माना जाता है। उन्होंने कहा, “पी.ए.यू. ने लगातार पंजाब के किसानों का मार्गदर्शन किया है और राज्य में कृषि के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पंजाब के पास देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का केवल 1.53 प्रतिशत हिस्सा है, फिर भी यह देश के अनाज उत्पादन में शानदार योगदान देता आ रहा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किसानों को कृषि आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा, “किसान मेले की मूल भावना किसानों को नई तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों के बारे में जागरूक करना है, जो कृषि आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं। बेहतर उत्पादन और मुनाफे के लिए किसानों को वैज्ञानिक तरीके अपनाने चाहिए।”
उन्होंने दोहराया कि पंजाब देश में सबसे अधिक 416 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव दे रहा है और गन्ने की खेती के अधीन क्षेत्रफल पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने पंजाब के किसानों और युवाओं दोनों को बर्बाद किया और कृषि क्षेत्र की ओर बहुत कम ध्यान दिया। हमारी सरकार कृषि को मजबूत करने, किसानों की आय में सुधार करने और पंजाब के लोगों के लिए बेहतर अवसर पैदा करने के लिए काम कर रही है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान कृषि योजनाओं में सामने आए विवादों और अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “ऐसे विवादों और अनियमितताओं ने पंजाब के किसान समुदाय के हितों और विश्वास को बुरी तरह प्रभावित किया है। हमने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है तथा गलत कार्यों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां सहित अन्य हस्तियां भी उपस्थित थीं।
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714







Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714