
कुरुक्षेत्र, 5 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी इनक्यूबेशन सेंटर (कुटिक) द्वारा शुक्रवार को विश्वविद्यालय के कमेटी रूम में आयोजित कार्यक्रम में ‘केयूके सशक्त नारी स्टार्टअप अभियान’ का औपचारिक शुभारंभ कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा द्वारा किया गया। इस अवसर पर नवगठित प्रोजेक्ट एक्शन ग्रुप (पीएजी) के सदस्यों का परिचय कराया गया। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने केयूके सशक्त नारी स्टार्टअप अभियान’ के आधिकारिक बैनर का अनावरण करते हुए महिला स्टार्टअप्स एवं उद्यमियों के लिए विशेष पहल की शुरुआत की गई।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि महिलाओं की उद्यमिता में बढ़ती भागीदारी देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। आज महिलाएं केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नवाचार, उद्योग और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महिला उद्यमियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि 5 मई को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र’ सेमिनार में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया था। उनके इसी विज़न को साकार करते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने मात्र एक माह के भीतर ही केयूटीआईसी सेंटर के माध्यम से ‘सशक्त नारी स्टार्टअप अभियान’ की शुरुआत कर दी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत महिला उद्यमियों को उनके व्यवसाय को संगठित स्वरूप प्रदान करने, निजी लिमिटेड कंपनी के रूप में विकसित करने तथा व्यवसाय को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल महिलाओं के नवाचार, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय नवाचार, अनुसंधान तथा स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवा उद्यमियों को अपने नवाचारी विचारों को व्यवहारिक स्वरूप देने के लिए आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला-केंद्रित उद्यमिता अभियानों के माध्यम से महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने, उसे विकसित करने तथा बाजार से जोड़ने के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें अपने विचारों को सफल व्यवसाय में परिवर्तित करने की दिशा में प्रेरित करेगा। इससे न केवल महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी, बल्कि रोजगार सृजन, नवाचार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
कुटिक के समन्वयक लेफ्टिनेंट (डॉ.) अजय जांगड़ा ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि महिला उद्यमी उद्योग उसी को माना जाएगा जिसमें कि कम से कम 51 प्रतिशत हिस्सेदारी किसी महिला की हो। नारी सशक्तिकरण स्टार्टअप अभियान में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की छात्राओं, भूतपूर्व छात्राओं, हरियाणा की महिलाओं व ऐसे एन्टरप्रेन्योर/बिजनेस जिसमें 51 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी किसी महिला की हो ऐसे उद्यमों को महिला उद्यमी की श्रेणी में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि केयूके सक्षम नारी स्टार्टअप अभियान में पंजीकरण के लिए 5 जून से 20 जून तक वेबसाइट www.kutic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। शार्ट लिस्टेड महिला उद्यमियों को 15 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इंडस्ट्री एक्सपर्ट, एन्टरप्रेन्योर और बैंकिंग एक्सपर्ट प्रशिक्षण के बाद महिला उद्यमियों का आंकलन करेंगे। सफल उद्यमियों को विश्वविद्यालय की ओर से 5000 से लेकर 25 लाख रुपये तक की राशि अपना उद्योग स्थापित करने के लिए मुहैया करवाई जाएगी। सभी सफल उद्यमियों की प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी स्थापित करने के लिए जो भी खर्चा आएगा वो विश्वविद्यालय द्वारा वहन किया जाएगा। विश्वविद्यालय की यह पहल सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र के निर्माण में अहम् भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर प्रो. प्रदीप मित्तल, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. अनिता दुआ, प्रो. वनिता ढींगरा, डॉ. विनीता भांकर डॉ. सोहन लाल, डॉ. प्रियंका जांगड़ा, डॉ. विनय, डॉ. भंवर सिंह, अशोक कुमार, मनोज मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि महिलाओं की उद्यमिता में बढ़ती भागीदारी देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। आज महिलाएं केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नवाचार, उद्योग और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महिला उद्यमियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि 5 मई को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र’ सेमिनार में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया था। उनके इसी विज़न को साकार करते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने मात्र एक माह के भीतर ही केयूटीआईसी सेंटर के माध्यम से ‘सशक्त नारी स्टार्टअप अभियान’ की शुरुआत कर दी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत महिला उद्यमियों को उनके व्यवसाय को संगठित स्वरूप प्रदान करने, निजी लिमिटेड कंपनी के रूप में विकसित करने तथा व्यवसाय को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल महिलाओं के नवाचार, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय नवाचार, अनुसंधान तथा स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवा उद्यमियों को अपने नवाचारी विचारों को व्यवहारिक स्वरूप देने के लिए आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला-केंद्रित उद्यमिता अभियानों के माध्यम से महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने, उसे विकसित करने तथा बाजार से जोड़ने के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें अपने विचारों को सफल व्यवसाय में परिवर्तित करने की दिशा में प्रेरित करेगा। इससे न केवल महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी, बल्कि रोजगार सृजन, नवाचार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
कुटिक के समन्वयक लेफ्टिनेंट (डॉ.) अजय जांगड़ा ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि महिला उद्यमी उद्योग उसी को माना जाएगा जिसमें कि कम से कम 51 प्रतिशत हिस्सेदारी किसी महिला की हो। नारी सशक्तिकरण स्टार्टअप अभियान में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की छात्राओं, भूतपूर्व छात्राओं, हरियाणा की महिलाओं व ऐसे एन्टरप्रेन्योर/बिजनेस जिसमें 51 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी किसी महिला की हो ऐसे उद्यमों को महिला उद्यमी की श्रेणी में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि केयूके सक्षम नारी स्टार्टअप अभियान में पंजीकरण के लिए 5 जून से 20 जून तक वेबसाइट www.kutic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। शार्ट लिस्टेड महिला उद्यमियों को 15 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इंडस्ट्री एक्सपर्ट, एन्टरप्रेन्योर और बैंकिंग एक्सपर्ट प्रशिक्षण के बाद महिला उद्यमियों का आंकलन करेंगे। सफल उद्यमियों को विश्वविद्यालय की ओर से 5000 से लेकर 25 लाख रुपये तक की राशि अपना उद्योग स्थापित करने के लिए मुहैया करवाई जाएगी। सभी सफल उद्यमियों की प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी स्थापित करने के लिए जो भी खर्चा आएगा वो विश्वविद्यालय द्वारा वहन किया जाएगा। विश्वविद्यालय की यह पहल सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र के निर्माण में अहम् भूमिका निभाएगी।
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