
कुरुक्षेत्र, 5 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में भूभौतिकी (जियोफिजिक्स) विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दो वर्षीय एम.एससी. जियोफिजिक्स पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। विभागाध्यक्ष वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. बी.एस. चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। पाठ्यक्रम में कुल 25 सीटें उपलब्ध हैं तथा आनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है।
विभागाध्यक्ष प्रो. बीएस चौधरी ने बताया कि भूभौतिकी विभाग वर्ष 1985 से एम.एससी. (टेक) एप्लाइड जियोफिजिक्स कार्यक्रम संचालित करता आ रहा है और शिक्षण, अनुसंधान तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। विभाग ने भूकंपीय जोखिम, हाइड्रोकार्बन अन्वेषण, टेक्टोनिक्स, खनिज एवं भूजल संसाधन, पर्यावरणीय भूभौतिकी तथा जियोडायनेमिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय शोध कार्य किए हैं। डॉ. चौधरी ने बताया कि विभाग के शिक्षकों को यूनेस्को अवार्ड, डीएएडी एवं कॉमनवेल्थ फैलोशिप, आईएनएसए फैलोशिप, यंग साइंटिस्ट अवार्ड तथा बेस्ट रिसर्चर अवार्ड जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। विभाग ने अनुसंधान एवं अधोसंरचना विकास के लिए बड़े अनुदान भी प्राप्त किए हैं, जिनमें डीएसटी-फिस्ट कार्यक्रम के अंतर्गत 2.5 करोड़ रुपये तथा भारत सरकार द्वारा स्थापित 2.54 करोड़ रुपये की लागत वाली राष्ट्रीय थर्माेक्रोनोलॉजी सुविधा प्रमुख हैं।
विभाग में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं एवं आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं, जिनमें ब्रॉडबैंड सिस्मोलॉजिकल ऑब्जर्वेटरी, इंजीनियरिंग सिस्मोग्राफ, रेजिस्टिविटी इमेजिंग सिस्टम, ग्रैविटी मीटर, मैग्नेटोमीटर, उन्नत माइक्रोस्कोप तथा जियोफिजिकल प्रोसेसिंग लैब शामिल हैं। विद्यार्थियों को मैटलैब, एआरसीजीआईएस, ईआरडीएएस इमेजिन, जियोपीएसवाए जैसे आधुनिक सॉफ्टवेयर पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
विभागाध्यक्ष प्रो. बीएस चौधरी ने बताया कि एप्लाइड जियोफिजिक्स के विद्यार्थियों के लिए सरकारी, सार्वजनिक उपक्रमों, अनुसंधान संस्थानों तथा निजी क्षेत्र में व्यापक रोजगार संभावनाएं हैं। ओएनजीसी, ऑयल इंडिया लिमिटेड, मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड सहित अनेक संस्थानों में भूभौतिकी विशेषज्ञों की मांग बनी रहती है। इसके अतिरिक्त भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में भी शोध एवं करियर के अवसर उपलब्ध हैं।
विभागाध्यक्ष प्रो. बीएस चौधरी ने बताया कि भूभौतिकी विभाग वर्ष 1985 से एम.एससी. (टेक) एप्लाइड जियोफिजिक्स कार्यक्रम संचालित करता आ रहा है और शिक्षण, अनुसंधान तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। विभाग ने भूकंपीय जोखिम, हाइड्रोकार्बन अन्वेषण, टेक्टोनिक्स, खनिज एवं भूजल संसाधन, पर्यावरणीय भूभौतिकी तथा जियोडायनेमिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय शोध कार्य किए हैं। डॉ. चौधरी ने बताया कि विभाग के शिक्षकों को यूनेस्को अवार्ड, डीएएडी एवं कॉमनवेल्थ फैलोशिप, आईएनएसए फैलोशिप, यंग साइंटिस्ट अवार्ड तथा बेस्ट रिसर्चर अवार्ड जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। विभाग ने अनुसंधान एवं अधोसंरचना विकास के लिए बड़े अनुदान भी प्राप्त किए हैं, जिनमें डीएसटी-फिस्ट कार्यक्रम के अंतर्गत 2.5 करोड़ रुपये तथा भारत सरकार द्वारा स्थापित 2.54 करोड़ रुपये की लागत वाली राष्ट्रीय थर्माेक्रोनोलॉजी सुविधा प्रमुख हैं।
विभाग में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं एवं आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं, जिनमें ब्रॉडबैंड सिस्मोलॉजिकल ऑब्जर्वेटरी, इंजीनियरिंग सिस्मोग्राफ, रेजिस्टिविटी इमेजिंग सिस्टम, ग्रैविटी मीटर, मैग्नेटोमीटर, उन्नत माइक्रोस्कोप तथा जियोफिजिकल प्रोसेसिंग लैब शामिल हैं। विद्यार्थियों को मैटलैब, एआरसीजीआईएस, ईआरडीएएस इमेजिन, जियोपीएसवाए जैसे आधुनिक सॉफ्टवेयर पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
विभागाध्यक्ष प्रो. बीएस चौधरी ने बताया कि एप्लाइड जियोफिजिक्स के विद्यार्थियों के लिए सरकारी, सार्वजनिक उपक्रमों, अनुसंधान संस्थानों तथा निजी क्षेत्र में व्यापक रोजगार संभावनाएं हैं। ओएनजीसी, ऑयल इंडिया लिमिटेड, मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड सहित अनेक संस्थानों में भूभौतिकी विशेषज्ञों की मांग बनी रहती है। इसके अतिरिक्त भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में भी शोध एवं करियर के अवसर उपलब्ध हैं।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि विभाग के विद्यार्थियों को नियमित रूप से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिलते हैं। विशेष रूप से, लगभग प्रत्येक वर्ष विभाग के दो विद्यार्थियों को सोसाइटी ऑफ एक्सप्लोरेशन जियोफिजिसिस्ट्स के सहयोग से अमेरिका में आयोजित वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए छात्रवृत्ति या प्रायोजन प्राप्त होता है।
उन्होंने बताया कि विभाग का प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी अत्यंत उत्कृष्ट रहा है तथा पिछले एक दशक में 85 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रमों, शोध संस्थानों एवं निजी कंपनियों में रोजगार प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन एडमिशन से सम्बन्धित जानकारी के लिए विद्यार्थी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग का प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी अत्यंत उत्कृष्ट रहा है तथा पिछले एक दशक में 85 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रमों, शोध संस्थानों एवं निजी कंपनियों में रोजगार प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन एडमिशन से सम्बन्धित जानकारी के लिए विद्यार्थी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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