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पॉल मर्चेंट्स के साथ 1.93 करोड़ की साइबर ठगी,चंडीगढ़ पुलिस ने दिल्ली में रेड कर 7 गैंग मेंबर्स को किया गिरफ्तार

पॉल मर्चेंट्स के साथ 1.93 करोड़ की साइबर ठगी करने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने दिल्ली में रेड कर 7 गैंग मेंबर्स को गिरफ्तार किया है। 31 दिसंबर, 2022 को धोखाधड़ी, जालसाज़ी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में यह केस दर्ज हुआ था। महिला कर्मी ने अपनी शिकायत में कहा था कि उनके सिस्टम्स हैक कर करीब 1.93 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। पुलिस आरोपियों का रिमांड लेकर इनसे आगे की पूछताछ कर रही है। वहीं मामले में इसके और साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने अभी तक इनके कब्जे से 8 मोबाइल फोन, 1 मोडम, वाईफाई, 4 लैपटॉप, 31 सिम कार्ड और 4 ट्रक बरामद किए हैं

पॉल मर्चेंट्स की मोबाइल एप के जरिए ठगी
पॉल मर्चेंट्स नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन के रूप में काम करती है। RBI से जारी लाइसेंस के तहत यह जनरल पब्लिक को प्रिपेड वैलेट्स और कार्ड्स जारी करने करने का काम करती है। यह एक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए जारी किए जाते हैं। PaulPayV2.0 नामक यह एप्लिकेशन एंड्रॉयड प्ले स्टोर और एपल एप स्टोर पर उपलब्ध है।

 

वहीं कस्टमर्स कई प्रकार की पेमेंट सर्विसेज (यूटिलिटी बिल्स पेमेंट, मोबाइल रिचार्ज, DTH या FASTag आदि) इस मोबाइल एप के जरिए इस्तेमाल कर सकते हैं। शिकायत में संभावना जताई गई थी कि धोखाधड़ी के लिए पॉल मर्चेंट्स के सर्वस/पेमेंट गेटवे को हैक कर या कुछ प्रोक्सी सर्वर बना इन्स्टॉल किए गए होंगे। साइबर क्राइम पुलिस ने जांच के दौरान कथित ट्रांजैक्शंस का डेटा की स्क्रूटनी की और पाया कि पॉलपे एप्लिकेशन की 1497 IDs तैयार की गई थी। वहीं इनका प्रयोग कर 3114 ट्रांजैक्शंस की गई थी। ऐसे में 1,93,54,231 रुपए की जालसाज़ी की गई। पुलिस ने कहा कि आरोपी रोहताश यूट्यूब से पेमेंट एप्स के बग्स फिक्स करने और बाकी जानकारियां देखता था। उसी ने फर्जीवाड़ा करने की प्लानिंग की थी।

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पॉल मर्चेंट्स के साथ जो ठगी हुई उसमें 30 लाख रुपए की ट्रकों से जुड़ी लोन रकम, विभिन्न वाहनों के FASTag से जुड़ी 5 लाख रुपए की रकम, 2 लाख रुपए के मोबाइल फोन रिचार्ज, 2.5 लाख रुपए के इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन खातों की पेमेंट के 30 लाख रूपए, 25 लाख रुपए के एमाजोन गिफ्ट कार्ड्स वाउचर्स, फ्लिपकार्ट के 10 लाख रुपए के कूपन, 10 लाख रुपए के गोल्ड लोन, 20 लाख रुपए के अन्य लोन तथा Paytm खातों के लिए 50 लाख रुपए शामिल थे।

 

पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि PaulPayV2.0 की IDs बनाने वाले कुछ मोबाइल नंबर्स की लोकेशन मुखर्जी नगर, दिल्ली की पाई गई। खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने 5 जनवरी को मुखर्जी नगर में रेड की। वहां से पंकज की गिरफ्तारी कर फर्जी ID बनाने में इस्तेमाल कुछ सिम कार्ड बरामद किए गए। उसने तुलसी चौक, फतेहाबाद में कैफे चलाने वाले विक्रम की जानकारी मिली।

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पुलिस ने बताया कि रोहताश कुमार B.Sc है और 8वीं क्लास से कंप्यूटर की पढ़ाई कर रहा है। उसने PaulPayV2.0 में बग को हंट कर एक टूल के जरिए पॉलपे वेबसाइट का डेटा निकाल लिया और उसने कैश फ्री पेमेंट गेट वे का सिग्नल को बंद कर दिया। इसके बाद सर्वर से ट्रांजैक्शन की गई। उसने अपने दोस्त राजिंदर और मुकेश को यह तरीका समझाया। इसके बाद बाकी साथियों का फर्जी IDs बनाने में मदद ली।

 

 

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