मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री को पत्र लिखकर कहा—भंडारण की जगह की कमी के कारण मंडियों में किसानों को परेशान न होना पड़े

चंडीगढ़, 2 अक्टूबर:
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से अपील की है कि धान की आवक शुरू होने से पहले राज्य से अनाज का स्टॉक तुरंत खाली किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुचारू खरीद सुनिश्चित करने और मंडियों में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए भंडारण के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित करना जरूरी है।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने 10 अक्टूबर तक 6 लाख मीट्रिक टन चावल और अक्टूबर महीने के दौरान 15 लाख मीट्रिक टन गेहूं की तत्काल लिफ्टिंग की मांग की है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि लगभग 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक राइस मिलों और मंडियों के फड़ों (यार्डों) में जगह घेरे हुए है, जिसमें से लगभग 17 लाख मीट्रिक टन अभी भी वहीं पड़ा हुआ है। उन्होंने जोर दिया कि नए आने वाले धान के लिए पर्याप्त जगह बनाने हेतु इस स्टॉक को खाली करना जरूरी है, ताकि किसान मंडियों में अपनी फसल बिना किसी भंडारण समस्या के ला सकें।
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी को लिखे पत्र में याद दिलाया कि पंजाब ने सितंबर 2026 के दौरान खरीफ मंडीकरण सीजन 2025-26 के चावल की डिलीवरी प्रक्रिया पूरी करने और खरीफ मंडीकरण सीजन 2026-27 शुरू होने से पहले राइस मिलों तथा मंडी यार्डों में भंडारित गेहूं को खाली करने के लिए 15 लाख मीट्रिक टन चावल और 10 से 12 लाख मीट्रिक टन गेहूं उठाने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने कहा, “हालांकि, 1 से 29 सितंबर 2026 तक राज्य से केवल 8.3 लाख मीट्रिक टन चावल और 4.3 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही बाहर भेजा गया है।”
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714
उन्होंने आगे बताया, “इस संबंध में यह बताया जाता है कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास लगातार भंडारण की कमी के कारण खरीफ मंडीकरण सीजन 2025-26 के निर्धारित 105.64 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले आज (29 सितंबर, 2026) तक केवल 99.50 लाख मीट्रिक टन (94 प्रतिशत) कस्टम मिल्ड राइस ही डिलीवर किया जा सका है और लगभग 6 लाख मीट्रिक टन चावल अभी भी डिलीवर होना बाकी है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस खरीफ मंडीकरण सीजन (केएमएस) की शुरुआत कल यानी 1 अक्टूबर 2026 से होने जा रही है और 10 अक्टूबर 2026 के आसपास धान की आवक चरम पर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में इस खरीफ सीजन के दौरान लंबित धान के स्टॉक को खाली करने तथा स्टॉक के हिसाब-किताब और धान/चावल की रीसाइक्लिंग से पैदा होने वाली जटिलताओं से बचने के लिए एफसीआई द्वारा सभी लंबित चावल की डिलीवरी तुरंत पूरी किया जाना बेहद महत्वपूर्ण है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मिलिंग में हो रही देरी के कारण शेलर मालिकों में पहले ही बेचैनी है। यदि चावल की डिलीवरी मध्य अक्टूबर के बाद तक लंबित रहती है, तो राइस मिलर धान के भंडारण और मिलिंग के लिए आगे नहीं आएंगे। ऐसी स्थिति अन्य हितधारकों, खासकर किसानों में भी बेचैनी का कारण बन सकती है।”
उन्होंने कहा, “हालांकि राज्य सरकार सरकार चावल की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन फिर भी इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर के बीच 6 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) चावल के स्टॉक की तत्काल लिफ्टिंग करना बेहद जरूरी है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गेहूं के भंडारण के लिए जगह की भारी कमी का उल्लेख करते हुए कहा, “यहां यह बताना भी उचित होगा कि राज्य में गेहूं के भंडारण के लिए जगह की कमी के कारण, रबी मंडीकरण सीजन (आरएमएस) 2026-27 के दौरान खरीदा गया लगभग 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं इस शर्त पर राइस मिलों और मंडी यार्डों में रखा गया था कि इस स्टॉक को सितंबर या मध्य अक्टूबर 2026 तक उठा लिया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “लेकिन जून से सितंबर 2026 के बीच राज्य से गेहूं की लिफ्टिंग की गति काफी धीमी रहने के कारण, आज की तारीख तक आरएमएस 2026-27 का लगभग 17 लाख मीट्रिक टन गेहूं अभी भी राइस मिलों और मंडी यार्डों में पड़ा हुआ है।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि इस गेहूं की लिफ्टिंग नहीं की गई, तो स्वाभाविक रूप से किसान मंडियों में अपनी फसल नहीं उतार सकेंगे और साथ ही राइस मिलों में भी धान के भंडारण के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचेगी, जिससे खरीद प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित होगी।”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसी स्थिति केएमएस 2026-27 के दौरान धान की भारी आवक के समय राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी पैदा कर सकती है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा केंद्र से अनाज की आवश्यक मासिक लिफ्टिंग के लिए बार-बार अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा, “यह बताना जरूरी है कि राज्य सरकार जून 2026 से हर महीने कम से कम 10 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल की लिफ्टिंग की लगातार मांग करती आ रही है, लेकिन जून से सितंबर 2026 के दौरान गेहूं और चावल की वास्तविक लिफ्टिंग अपेक्षा से बहुत कम रही है।”
मुख्यमंत्री के पत्र में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 के दौरान कुल लिफ्टिंग 11.91 लाख मीट्रिक टन रही, जिसमें 6.55 लाख मीट्रिक टन चावल और 5.36 लाख मीट्रिक टन गेहूं शामिल था। जुलाई के दौरान कुल लिफ्टिंग 11.60 लाख मीट्रिक टन रही, जिसमें 6.70 लाख मीट्रिक टन चावल और 4.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं शामिल था। अगस्त महीने में 12.72 लाख मीट्रिक टन अनाज बाहर भेजा गया, जिसमें 7.70 लाख मीट्रिक टन चावल और 5.02 लाख मीट्रिक टन गेहूं शामिल था, जबकि सितंबर महीने में (29 सितंबर तक) 12.60 लाख मीट्रिक टन अनाज की लिफ्टिंग हुई, जिसमें 8.30 लाख मीट्रिक टन चावल और 4.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं शामिल था।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इसलिए केएमएस 2026-27 के दौरान धान की खरीद और भंडारण के लिए जगह बनाने हेतु राइस मिलों और मंडी यार्डों में पड़े गेहूं को अक्टूबर 2026 के दौरान तुरंत उठाया जाना जरूरी है।”
उन्होंने आगे कहा, “अपने परिसरों में जगह की कमी का हवाला देकर राइस मिलर केएमएस 2026-27 के धान की अलॉटमेंट/भंडारण और मिलिंग से पीछे हट सकते हैं।”
इसलिए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से सीधे अपील करते हुए कहा, “मैं आपसे इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का अनुरोध करता हूं कि खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग तथा एफसीआई मुख्यालय के संबंधित अधिकारियों को 1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर के बीच पंजाब से 6 लाख मीट्रिक टन चावल और अक्टूबर 2026 के दौरान 15 लाख मीट्रिक टन गेहूं की लिफ्टिंग सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि केएमएस 2026-27 के दौरान सुचारू खरीद प्रक्रिया चलाने और संवेदनशील सीमावर्ती राज्य में किसी भी अप्रिय अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने से रोकने के लिए यह लिफ्टिंग बेहद जरूरी है।
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714







Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/ynvicrxv1075/public_html/hindxpress.com/wp-includes/formatting.php on line 4714